लखनऊ में सड़क हादसों में घायलों को त्वरित इलाज उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी तैयारी शुरू की है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के अनुसार शहर की पांच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) को ट्रॉमा सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा। इन केंद्रों पर 24 घंटे आपातकालीन इलाज की सुविधा मिलेगी।
हाईवे से सटे मोहनलालगंज, सरोजनीनगर, गोसाईगंज, काकोरी और चिनहट सीएचसी को इस योजना में शामिल किया गया है। वर्तमान में इन केंद्रों पर हादसों में घायल मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल या उच्च चिकित्सा संस्थानों के लिए रेफर कर दिया जाता है। प्रस्तावित बदलाव के बाद यहीं पर उन्नत इलाज उपलब्ध होगा।
योजना के तहत प्रत्येक केंद्र में पांच बेड का आईसीयू, आवश्यक जांच सुविधाएं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती की जाएगी। अभी कई केंद्रों पर शाम के बाद जांच सेवाएं सीमित हो जाती हैं, जिसे 24 घंटे सक्रिय रखने की तैयारी है। विभाग ने संसाधन और बजट स्वीकृति की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
सीएमओ डॉ. एन.बी. सिंह ने बताया कि अगले दो महीनों में इन केंद्रों को चरणबद्ध तरीके से ट्रॉमा सुविधा में बदला जाएगा। साथ ही 82 निजी अस्पतालों में भी सड़क हादसों के घायलों को निशुल्क उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है।